Jokes
WhatsApp की अवस्था भी , कुंभ मेले जैसी हो गई है.
चारो तरफ अखाडे ही अखाडे..(ग्रुप ही ग्रुप)..
कुछ साधू नियमित प्रवचन करते है,
कुछ हफ्ते मे एक दो बार….
कुछ साधू, जो बस सिर्फ लंगर खाते रहते है
चारो तरफ अखाडे ही अखाडे..(ग्रुप ही ग्रुप)..
कुछ साधू नियमित प्रवचन करते है,
कुछ हफ्ते मे एक दो बार….
कुछ साधू, जो बस सिर्फ लंगर खाते रहते है
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